Friday, July 24, 2009

प्रणव के शो में अर्नब गोस्वामी का नाम


नेता भी इंसान होते हैं और मानवीय गलतियां उनसे भी हो जाया करती हैं। पर रविशंकर प्रसाद से इस तरह की चूक की अपेक्षा नहीं थी। वो भी प्रणय राय को लेकर। उन्होंने प्रणय राय को अर्नब गोस्वामी बोल दिया। एनडीटीवी के कल रात 9 बजे के प्राइम टाइम शो 'इंडिया डिसाइड्स' को प्रणय राय होस्ट कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद इसमें अतिथि के बतौर शामिल हुए। अमेरिका, परमाणु समझौता और भारत को लेकर किए गए एक सवाल का रविशंकर प्रसाद ने जवाब देने के लिए मुंह खोला तो कह बैठे- ''Let me tell you, Arnab Goswami..' इतना सुनते ही प्रणय राय ने तुरंत टोका और रविशंकर को दुरुस्त करने की कोशिश की- 'Arnab Goswami?'
पर रविशंकर प्रसाद रुके नहीं। भूल-चूक माफ कराने की बजाय आगे बढ़ते चले गए। बोलते गए और अपनी बात पूरी करके ही माने। एनडीटीवी का मंच और अर्नब गोस्वामी का नाम! एक ऐसे शख्स का नाम जिसने एनडीटीवी को नाको चने चबवा रखा है, टाइम्स नाऊ के जरिए, और जबर्दस्त प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरा चुका है। यह तो उल्टी गंगा बह रही थी। एनडीटीवी के मंच का इस्तेमाल अर्नब के लिए। देश में टीवी इंडस्ट्री को इस्टैबलिश करने वाले दिग्गज प्रणय राय को उनके सामने, उन्हीं के चैनल में बच्चे की तरह सीखकर प्रतिद्वंद्वी चैनल में हेड बनकर जाने वाले अर्नब गोस्वामी का नाम लेकर संबोधित किया जाए, यह कोई कैसे गवारा कर सकता था। प्रणय राय के चेहरे पर कई तरह के भाव आए-गए। प्रणय राय इस चूक को यूं ही छोड़ देने के मूड में नहीं थे। भूल सुधार जरूरी था। जब रविशंकर प्रसाद बोलना बंद कर चुके थे तो प्रणय राय ने उन्हें अंग्रेजी में जो समझाया उसका हिंदी में भाव कुछ यूं रहा- हे भइया, मेरा जो बायोडाटा है उसमें मेरा नाम अर्नब गोस्वामी नहीं, प्रणय राय लिखा हुआ है।
रविशंकर प्रसाद ने तुरंत गल्ती मानी। माफी मांग ली। शांत और समझदार प्रणय राय ने हो चुकी गलती को नियंत्रित कर उसे सामान्य बनाने के लिए बोले- कोई बात नहीं, आप मुझे अर्नब गोस्वामी ही कह कर बुलाइए। अर्नब भी एनडीटीवी परिवार का हिस्सा है। वह हम लोगों के बीच का है। वह यहीं से पला-बढ़ा है।
मामला तो खत्म हो गया लेकिन लोग रविशंकर प्रसाद के बारे में सोचने लगे कि आखिर उनसे यह ब्लंडर हुआ कैसे? जानकार लोग बताते हैं कि रविशंकर प्रसाद टाइम्स नाऊ, आईबीएन और एनडीटीवी के प्राइम टाइम शो के लगभग परमानेंट व पसंदीदा गेस्ट हैं। इन चैनलों के प्राइम टाइम कार्यक्रमों के फेस अर्नब गोस्वामी, प्रणय राय और राजदीप सरदेसाई होते हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रणय राय के ही एनडीटीवी से अर्नब गोस्वामी और राजदीप सरदेसाई प्रतिष्ठित होने के बाद नए-नए चैनलों के हेड बनकर विदा हुए। रविशंकर प्रसाद जिस चैनल के शो में होते हैं तो वहां पूछे जाने वाले सवालों के जवाब उस एंकर का नाम लेकर देते हैं। अब जब रोज-रोज उन्हें दर्जनों बार प्रणय राय, अर्नब गोस्वामी और राजदीप सरदेसाई बोलना हो तो कभी न कभी कनफ्यूजन तो पैदा हो ही सकता है। संभव है उन्हें एक क्षण को अवचेतन में लगा हो कि वे टाइम्स नाऊ के रात नौ बजे के प्राइम टाइम शो 'न्यूज आवर' में गेस्ट हैं और उनके अवचेतन मन ने उनसे अर्नब गोस्वामी का नाम बुलवा दिया हो।
दरअसल, कई बार रविशंकर प्रसाद व अन्य नेता अपने घर से ही एक-एक कर सभी चैनलों पर अवतरित होते हैं और सभी के कार्यक्रम में अपनी पार्टी का पक्ष रखते हैं। इसके लिए चैनलों की ओबी (आउटडोर ब्राडकास्टिंग) वैन नेताओं के घर के बाहर खड़ी रहती हैं। नेताओं को एक चैनल से दूसरे चैनल पर अवतरित होने में केवल क्षण भर का समय मिलता है। एक चैनल ने बाइट लेना बंद नहीं किया कि दूसरे चैनल की आईडी मुंह के सामने होती है। ऐसे में किसी का भी कनफ्यूज हो जाना स्वाभाविक है कि वो इस वक्त किस चैनल से बात कर रहा है। जो भी हो, यह नितांत मानवीय चूक है लेकिन इस चूक ने टीवी इंडस्ट्री के पितामह माने जाने वाले प्रणय राय के दिल को कितना दुखाया होगा, यह तो सिर्फ प्रणय राय जानते होंगे पर प्रणय राय ने बिना धीरज खोए जो बड़प्पन भरा व्यवहार पेश किया, वह भी बेमिसाल है।
( भड़ास4 मीडिया डाट काम से साभार)

No comments:

Post a Comment